यूपी चुनाव पर किसान आंदोलन के प्रभाव को लेकर सांसद वरुण गाँधी एक्टिव , मुख्यमंत्री योगी को लिख डाला पत्र

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लखनऊ : देश की राजधानी दिल्ली में पिछले 9 महीने से लगातार देशभर के किसान कृषि कानूनों के विरोध में धरना दे रहे है। सरकार और किसान नेताओं के बीच 22 जनवरी के बाद से किसी भी तरह का संवाद नहीं हुआ है। लेकिन इसके बावजूद भी किसान दिल्ली के बॉर्डर पर अपनी माँगों को लेकर डटे हुए है। आंदोलन के साथ ही किसान उन राज्यों पर भी पैनी नज़र बनाये हुए है , जहाँ विधानसभा चुनाव होने है। किसानों ने खुले तौर पर केंद्र की भाजपा सरकार को चुनौती दी है कि किसान भाजपा के खिलाफ चुनाव प्रचार करेगा। जिसका परिचय किसान पहले ही बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में दे चुके है। अब यूपी और देश के कुछ अन्य राज्यों में चुनाव होने है। आंदोलन में पश्चिम यूपी के किसानों की तादाद बेहद ज़्यादा है। राजनीति के एक्सपर्ट्स की माने तो उनके मुताबिक यूपी विधानसभा में पश्चिम यूपी से भाजपा को बहुत बड़े खतरे का संकेत है।

जिसको लेकर भाजपा के पश्चिम यूपी के विधायक और सांसदों के बीच तनाव का माहौल देखने को मिल रहा है। पश्चिम यूपी के गाँवों में जहाँ लगातार भाजपा के विधायकों को गाँव मे घुसने नहीं दिया जा रहा है। वहीं अब पीलीभीत से सांसद वरुण गाँधी ने बिगड़ते हालातों का अनुमान लगाते हुए , किसानों के पक्ष में आवाज़ उठाना शुरू कर दिया है। 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में हुई महापंचायत के बाद सांसद वरुण गाँधी ने किसानों के हक के लिए एक ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था- मुजफ्फरनगर में इक्कठे हुए लाखों किसान हमारे ही है। हमें इन्हें आदर के साथ वापस लाना होगा। इनका दर्द समझना होगा और इनके विचारों को जानकर काम करना होगा।

Lakhs of farmers have gathered in protest today, in Muzaffarnagar. They are our own flesh and blood. We need to start re-engaging with them in a respectful manner: understand their pain, their point of view and work with them in reaching common ground. https://t.co/ZIgg1CGZLn

अब एक बार फिर सांसद वरुण गाँधी किसानों के पक्ष में खड़े नज़र आ रहे है। आज उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखते हुए किसानों की समस्याओं पर अपने विचार रखते रखे और कुछ सुझाव दिए है। पत्र की शुरुवात में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बीते 4 सालों में किसानों की हित के लिए गए कार्यों के लिए साधुवाद दिया। फिर उसके बाद किसानों की समस्या को लेकर कहा की समय-समय पर वे अपने क्षेत्र के किसानों ने मिलते रहते है। पीलीभीत के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला और अपनी परेशानियों को लेकर अनुरोध किया। इस पत्र में उन्होंने गन्ना किसानों की परेशानी के लिए कहा कि गन्ने की लागत बहुत ज़्यादा बढ़ गयी है जबकि पिछले 4 सालों में रेट में मात्र 10 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी देखने को मिली है। साथ ही उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के लिए आगामी गन्ना सत्र 2021-22 में गन्ने का रेट (एसएपी) को बढ़ाकर कम से कम 400 रुपये क्विंटल किया

जाए और गन्ना किसानों का बकाया जल्द भुगतान किया जाए। इस पत्र में वरुण गाँधी ने किसानों की परेशानियों हर एक उस बात का ज़िक्र किया है जो वर्तमान समय में किसानों को झेलनी पड़ रही है। बढ़ते डीज़ल के दाम से लेकर मनरेगा योजना के मजदूरी को कृषि कार्यों में लगाने की भी बात की है। इस पत्र के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की क्या प्रतिक्रिया होगी ये कहना अभी मुश्किल है। लेकिन सांसद वरुण गाँधी का लगातार किसानों के लिए आवाज़ उठाना, ये बता रहा है कि कृषि कानूनों का असर यूपी के चुनावी माहौल में अत्यधिक देखने को मिलेगा।