देश में हर साल 7 अगस्त को जेवलिन थ्रो डे क्यों मनाया जाएगा? देखिये

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भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की योजना समिति ने फैसला किया है कि देश में हर साल 7 अगस्त को जेवलिन थ्रो डे मनाया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इस खेल से जोड़ने के लिए ऐसा किया जाएगा। पिछले 7 अगस्त को ही नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के योजना आयोग के अध्यक्ष ललित भनोट ने यह जानकारी दी। वे टोक्यो ओलिंपिक में भाग लेने वाले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट्स के सम्मान समारोह के दौरान बोल रहे थे नीरज चोपड़ा ने इस मौके पर कहा कि इंडियन आर्मी और एथलेटिक्स फेडरेशन ने उनका बहुत साथ दिया। कोरोना की चुनौती के दौरान मेडिकल स्टाफ ने बहुत ज्यादा मेहनत की। डाइट से लेकर हर पहलू का ख्याल रखा गगया। उसी का नतीजा है कि परफॉर्मेंस अच्छा हुआ है। नीरज ने कहा-प्रधानमंत्री ने गेम होने के बाद हमसे बात की। यह बहुत अच्छा लगा। खुशी हुई कि देश के प्रधानमंत्री खिलाड़ियों से बात की। अच्छे परफॉर्मेंस के पीछे जो बड़ा कारण यह था कि हर खिलाड़ी इस बार सिर्फ हिस्सा लेने नहीं आया था। सबके अंदर मेडल जीतने की बात थी। इसलिए सबने पूरा जोर लगाया। हम फिजिकली और मेंटली बहुत स्ट्रॉन्ग थे। मुझे लगता है कि आने वाले ओलिंपिक में हमरा प्रदर्शन और अच्छा रहेगा। नीरज ने अपनी कामयाबी में सभी कोच की भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि अभी वे डॉ. क्लाउड बार्टोनिट्ज के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग कर रहे थे। ओलिंपिक में इसका उन्हें बहुत फायदा मिला। उनसे पहले जो कोच उनके साथ रहे नीरज ने उनका भी शुक्रिया कहा। 90 मीटर का सपना पूरा करूंगा नीरज ने कहा कि वे जल्दी ही 90 मीटर थ्रो का रिकॉर्ड अपने नाम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ओलिंपिक में यह नहीं हो पाया। हालांकि, इसे ज्यादा जरूरी था कि हमें एथलेटिक्स में मेडल मिले और ऐसा ही हुआ। खास बात यह रही कि हमें यह मेडल गोल्ड के रूप में मिला। इस बात की मुझे बहुत खुशी है।
टोक्यो में भारत को दिलाया इकलौता गोल्ड
नीरज टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के पहले और इकलौते खिलाड़ी बने थे। वे किसी भी ओलिंपिक के ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं। टोक्यो में जेवलिन थ्रो के फाइनल में नीरज ने 87.58 मीटर के थ्रो साथ भारत की झोली में पहला गोल्ड मेडल डाल दिया। नीरज ने अपने पहले प्रयास में 87.03 मीटर, दूसरे में 87.58 और तीसरे प्रयास में 76.79 मीटर जैवलिन फेंका। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में 7 मेडल जीते। यह किसी एक ओलंपिक खेल में सबसे अधिक मेडल लाने का भारत का नया रिकॉर्ड है।
इंडिविजुअल इवेंट में भारत के दूसरे गोल्ड मेडलिस्ट
नीरज ओलिंपिक के किसी इंडिवुजुअल इवेंट में भारत के लिए गोल्ड जीतने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी बने हैं। अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक 2008 के 10 मीटर राइफल शूटिंग में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। नीरज ने इसी साल मार्च में इंडियन ग्रॉ प्री-3 में 88.07 मीटर जैवलिन थ्रो के साथ अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। 13 साल बाद भारत के खाते में आया गोल्ड नीरज चोपड़ा ने पिछले 13 साल से जारी ओलिंपिक में भारत के गोल्ड के सूखे को समाप्त किया। 2008 में बिंद्रा को गोल्ड के बाद से यह भारत का इन खेल महाकुंभ में सोने का पहला तमगा है।

रिपोर्ट: शुभम